नरेन्द्र मोदी जिन्हें स्वामी विवेकान्द का अवतार तक कहा गया है का यह कहकर चुटकी लिया जाना शर्मनाक लगता है कि क्या केंद्र सरकार गणतंत्र दिवस परेड से भी को हाथियों को हटा लेगी .चुनाव आयोग के फैसले को बेतुका कहने से पहले यह क्यूँ नहीं सोच रहे सरकारी धन से बनी हाथिओं कि मूर्तियों के ढकने का फैसला पार्टी की सरकार द्वारा बनायीं मूर्तियों (पार्टी के चुनाव चिन्ह और जीवित पार्टी प्रमुख ) को प्रदर्शित करने से रोकने के हेतु किया गया है न की जीवित / प्राकृतिक प्राणियों के प्रदर्शन पर ताकि जनसाधरण को गलत सन्देश न जाये , क्योंकि मूर्तियाँ मानव (सम्बंधित सरकार द्वारा ) निर्मित है और गणतंत्र दिवस परेड के हाथी प्राकृतिक .ऐसी ओछी राजनीती से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को त्यागना चाहिये .
भारत का पुनर्जागरण
Wednesday, January 18, 2012
Tuesday, March 15, 2011
भारत संचार निगम लिमिटेड जल रहा है
प्रबंधकीय दुर्व्यवस्थाओं का शिकार देश का सार्वजनिक उपक्रम भारत संचार निगम लिमिटेड जल रहा है । इसके प्रबंधक इसे खोखला करने में जरा सी भी शर्म नहीं महसूस कर रहे हैं । इस उपक्रम के सेवाओं की गुणवत्ता लगभग नहीं के बराबर रह गई है ।
Wednesday, August 11, 2010
भूमिगत दूरसंचार लाइनों के ध्वंसक राज्य लोक निर्माण विभाग
उत्तर प्रदेश की दूरसंचार व्यवस्था की हालत लैंड लाइन और ओप्टिकल फाइबर लाइन के अक्सर ध्वस्त रहने के कारण बदतर होती जा रही है । जिसके कारण आम जनता ,संस्थाओं , शासकीय विभागों और शासन -प्रशासन आदि के दैनिक कार्य अहिकांशतः बाधित रहते हैं । इन लाइनों के इस स्थिति में पहुचाने के प्रमुख कारक हैं -
१.भूमिगत टेलेफोन लाइनों / ओ ऍफ़ सी लाइनों को मानक गहराई से अत्यंत कम स्तर पर गाड़ना , जिसे सरलता से उपद्रवी लोगों द्वारा नुकसान पहुँचाया जा सकता है ।
२.राज्य लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों द्वारा दूरसंचार अधिकारयों को बिना किसी पूर्व सूचना दिए सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कर देना तथा भूमिगत टेलेफोन लाइनों / ओ ऍफ़ सी लाइनों को क्षतिग्रस्त कर देना।
साथ ही दूरसंचार अधिकारीयों द्वारा ऐसी परेशानियों की बार बार पुनरावृत्ति होने के बावजूद भी सम्बंधित विभाग , जिला प्रशासन ,राज्य प्रशासन को शिकायत से अवगत न कराया जाना ।
अतः सड़क निर्माण शुरू करने से पहले लोक निर्माण विभाग इसकी खबर दूरसंचार अधिकारयों को देकर अपनी खलनायक वाली छबि में सुधार ला सकता है । ताकि इन लाइनों से चालित सेवाएं यथा बैंकिंग सेवा , लीज लाइन्स ,इन्टरनेट सेवा ,टेलीफोन और मोबाईल फोन आदि सेवाएं कम से कम बाधित हों ।
Sunday, July 18, 2010
देश की दिनोदिन बिगडती प्रशासनिक मशीनरी
सरकार की प्रशासनिक मशीनरी के अंग दिनोदिन बदहाली का शिकार होते जा रहे हैं , कुछ एक सरकारी विभागों को छोड़कर ,बाकी सभी सरकारी विभागों ,प्रतिष्ठानों /उपक्रमों के निष्पादन का स्तर दिनोदिन गिरता जा रहा है बेशक देश ने अब तक उद्योग , कृषी , विज्ञानं ,रक्षा आदि क्षेत्रों में उन्नति की है , लेकिन कुशल कर्मचारियों का अभाव अधिकांश विभागों में है जिसका कारण है उनके ऊपर के अधिकारीयों या निदेशालयों से सटीक निर्देश , नियंत्रण , प्रबंधन इत्यादि के द्वारा कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढाने / अद्यतन हेतु उचित प्रयास न किया जाना समय परिवर्तन के साथ आधुनिक समय में पुराने कर्मचारियों को अच्छा प्रशिक्षण देकर तथा सीधी भर्ती द्वारा योग्य नवयुवकों को शामिल कर इस समस्या का हल किया जा सकता है ताकि जनता की हर कार्यालयों पर लगने वाली कतारों तथा लंबित मामलों की समस्या पर काबू पाया जा सके
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